बरेली | कैनविज कंपनी ( Kanwhizz company )का खेल अब धीरे-धीरे बेपर्दा होता जा रहा है। कंपनी के प्रमुख कन्हैया गुलाटी पर लगे आरोपों की कड़ियाँ अब एक-एक कर खुल रही हैं। नया खुलासा ये है कि गुलाटी ने अपने चुनिंदा एजेंटों को लोन पर थार कार दिलवाई, ताकि वे जनता के बीच कंपनी की शानो-शौकत का भौकाल खड़ा कर सकें। इन एजेंटों को कहा गया कि यह गाड़ी कंपनी ने दी है, ताकि बाकी लोग भी निवेश के लिए प्रेरित हों।

‘लोकतंत्र टुडे’ की रिपोर्ट के बाद मचा हंगामा
‘लोकतंत्र टुडे’ में कैनविज कंपनी घोटाले पर खबर छपने के बाद निवेशकों में उबाल आ गया है। लोगों ने सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुनील सक्सेना नाम के यूजर ने लिखा, गुलाटी का पूरा परिवार जेल जाएगा, अब पाप का घड़ा भर चुका है। वहीं प्रदीप मिश्रा नाम के दूसरे यूजर ने आरोप लगाया कि, गुलाटी बेईमान है, इसने मेरे और मेरे परिचितों के सवा दो लाख रुपये हड़प लिए। सोशल मीडिया पर यह मामला अब तेज़ी से ट्रेंड कर रहा है, और हर दिन नए पीड़ित सामने आ रहे हैं।
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भौकाल की थार, झांसे की सवारी
सूत्रों की मानें तो कंपनी ने अपने कुछ एजेंटों को बैंक से लोन पर महंगी थार कारें दिलवाईं। उन्हें कहा गया कि यह कंपनी की तरफ से “गिफ्ट” है, ताकि वे लोगों को सफलता का चेहरा दिखा सकें। एजेंटों ने भी यही कहानी बार-बार दोहराई और कहा कि कंपनी ने हमें गाड़ी दी, जल्द ही हम सब मालामाल होंगे।
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कई शहरों में एजेंट इन थार गाड़ियों के साथ कंपनी के नाम वाले फोटोशूट और लाइव वीडियो डालते रहे। लोगों को लगा कि कंपनी बेहद मुनाफेदार और भरोसेमंद लगे। बस यहीं से शुरू हुआ झांसे का सिलसिला, और निवेशकों ने अपनी बचत तक दांव पर लगा दी।
‘भरोसे’ की डोर टूटी
अब जब कंपनी की चमक फीकी पड़ने लगी है और कन्हैया गुलाटी का मोबाइल बंद मिल रहा है, तो निवेशकों को सच्चाई समझ आने लगी है। कई लोगों ने बताया कि वे एजेंटों के भरोसे पर ही कंपनी में पैसा लगा बैठे थे। एक निवेशक ने कहा हमने सोचा कंपनी बहुत बड़ी है, एजेंटों को गाड़ियाँ तक दे रही है। अब पता चला, वो सब लोन पर थीं और सब दिखावा था।
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एजेंटों की मुश्किलें भी बढ़ीं
अब वही एजेंट खुद अपने रिश्तेदारों और परिचितों के सवालों से घिरे हुए हैं। लोग उनसे अपना पैसा मांग रहे हैं, जबकि एजेंटों का कहना है कि उनका भी पैसा कंपनी में फँस गया है। कई एजेंट अब खुलकर कह रहे हैं कि उन्हें भी “भरोसे के जाल” में फँसाया गया, तो कई अभी भी कंपनी का गुणगान कर रहे हैं।
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जांच की मांग तेज
कई राज्यों के निवेशकों ने अब जांच एजेंसियों से कैनविज कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह कोई साधारण बिजनेस नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक जालसाजी है, जिसमें हजारों लोगों की मेहनत की कमाई डूब गई है।










