" लोकतंत्र टुडे "

जेई मनोज सुमन का साम्राज्य ध्वस्त,संबद्धीकरण निरस्त

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Sanjeev Sharma

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पीलीभीत। डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने भ्रष्टाचार के दम पर बनाया गया जेई मनोज सुमन का साम्राज्य ध्वस्त कर दिया है। जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई करते हुए डीएम ने नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया,कलीनगर सहित डूडा का चार्ज हटा लिया है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक के अवर अभियंता गौरव गुप्ता को तीनों पटलों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। दैनिक लोकतंत्र टुडे की ओर से बीते दिनों प्रमुखता से प्रकाशित की गई खबर के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जेई मनोज सुमन

यूपी में भले ही योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू हो लेकिन भ्रष्टाचार में नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया से हटाए गए अवर अभियंता मनोज कुमार सुमन ने दोबारा चार्ज हासिल कर लिया। तत्कालीन एडीएम एफआर राम सिंह गौतम की जाँच रिपोर्ट में अवर अभियंता भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था। इसके बाद पूर्व जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया से इनका संबद्धीकरण निरस्त कर दिया था, लेकिन जैसे ही दोनों अफसरों का जिले से तबादला हुआ। अवर अभियंता ने भ्रष्टाचार के दम पर न सिर्फ नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया का चार्ज ले लिया बल्कि नगर पंचायत कलीनगर सहित डूडा का भी अतिरिक्त प्रभार आसानी से हासिल कर लिया।

इधर दैनिक लोकतंत्र टुडे ने इक्कीस फरवरी को जब “शासनादेश ध्वस्त,जेई मनोज सुमन नपं नौगवाँ से दोबारा सम्बद्ध” शीर्षक से खबर प्रकाशित की तब डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने लोकतंत्र टुडे की खबर पर संज्ञान लेते हुए अवर अभियंता मनोज कुमार सुमन का नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया-कलीनगर सहित डूडा से संबद्धीकरण निरस्त कर दिया, हालाँकि अवर अभियंता ने अपना साम्राज्य बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन इसमें वह नाकाम रहा।

दशकों से तबादला नीति को चकमा दे रहा जेई मनोज सुमन

यूपी के जिलों में तीन साल से डेरा जमाने वाले अधिकारियों को हटाने के लिए योगी सरकार की ओर से प्रति वर्ष तबादला एक्सप्रेस दौड़ाई जाती रही है। इसके बाबजूद भी अवर अभियंता मनोज कुमार सुमन “साम, दाम, दंड, भेद” का इस्तेमाल कर तबादला नीति को हर बार चकमा देता रहा है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक में वह वर्ष दो हजार बारह से तैनात है और अकूत संपत्ति का मालिक है।

संबंधित बाबुओं तक हर माह पहुँचाता था हरियाली

अवर अभियंता मनोज कुमार सुमन ने भले ही भ्रष्टाचार के दम पर नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया का चार्ज दोबारा हासिल कर लिया हो लेकिन जैसे ही डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह को अवर अभियंता के काले कारनामों की भनक लगी तब उन्होंने नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया-कलीनगर सहित डूडा से अवर अभियंता मनोज कुमार सुमन का संबद्धीकरण तत्काल निरस्त कर दिया, हालाँकि संबंधित बाबू घंटों तक डीएम का आदेश दबाए बैठी रही। इधर कलेक्ट्रेट से जुड़े सूत्रों की अगर मानें तो अवर अभियंता संबंधित बाबुओं को प्रति माह “हरियाली” पहुँचाता था।

नेताजी की परिक्रमा भी अवर अभियंता के न आई काम

सूत्रों के मुताबिक संबंधित बाबुओं से अवर अभियंता मनोज कुमार सुमन को जैसे ही संबद्धीकरण निरस्त होने की भनक लगी तब उसने लाईट, कैमरा, एक्शन के बीच एक पुलिस अधिकारी को हटाने के निर्देश देने वाले नेताजी की भी कई दिनों तक परिक्रमा की लेकिन एक पुलिस अधिकारी तक न हटवा पाने वाले नेताजी की परिक्रमा भी अवर अभियंता के काम न आ सकी और आखिरकार अवर अभियंता को नगर पंचायत नौगवाँ पकड़िया-कलीनगर सहित डूडा से रुखसत होना पड़ा।

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