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Bareilly का बिजली बिल रिवीजन घोटाला: चार्जशीट से पहले ‘फोन कॉल’, कार्रवाई रुकी

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Sanjeev Sharma

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बरेली: बिजली विभाग में करोड़ों का खेल

बरेली। बिजली विभाग में बिल रिवीजन से जुड़े करोड़ों के कथित घोटाले में अब कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मध्यांचल मुख्यालय ने इस मामले में आरोपी इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए थे, लेकिन इसी बीच विभाग से जुड़े एक सीनियर अधिकारी का फोन आने के बाद पूरी प्रक्रिया अचानक रोक दी गई।

बताया जाता है कि उक्त अधिकारी का विभाग में खासा प्रभाव है और वह कई विवादित व भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे इंजीनियरों का संरक्षक माना जाता है। सूत्रों का दावा है कि इसी संरक्षण की वजह से कई अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर काम करने से नहीं हिचकते।

15 से 20 करोड़ के खेल की चर्चाएं

विभागीय सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन अधिशासी अभियंता (नगरीय थर्ड डिवीजन) अनुज गुप्ता के कार्यकाल के दौरान थर्ड डिवीजन में बिजली बिलों के रिवीजन के नाम पर करीब 15 से 20 करोड़ रुपये के लेन-देन की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं। हालांकि, अब तक की जांच में केवल सीमित मामलों को ही शामिल किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यदि पूरे कार्यकाल और सभी बिल घटाने के मामलों की गहन जांच कराई जाए, तो वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।

स्टेडियम रोड और बहेड़ी के मामलों में बढ़ी हलचल

इस घोटाले की परतें खुलने के बाद अनुज गुप्ता के समय में स्टेडियम रोड के काम और बहेड़ी तैनाती के समय के मामले चर्चा में आने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उनके कार्यकाल में हुए दोनों जगह के काम, डिस्कनेशन के रिकॉर्ड समेत कार्यों की गुणवत्ता की अगर जांच हुई तो उनकी मुसीबत और बढ़ सकती है।

कार्रवाई पर टिकी निगाहें

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मध्यांचल मुख्यालय ने चार्जशीट की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे, तो उसे बीच में किसके इशारे पर रोका गया? क्या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा या फिर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी? फिलहाल, विभाग के उच्च स्तर पर इस पूरे प्रकरण को लेकर खामोशी है, लेकिन भीतरखाने हलचल तेज बताई जा रही है। बिजली विभाग की साख पर लगे इस दाग को साफ करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश इस मामले में आरोपी इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करने में मूड में बताए जाते हैं। वहीं इस मामले में चार्जशीट प्रक्रिया शुरू नहीं होने के संबंध में अधीक्षण अभियंता नगर धर्मेन्द्र सक्सेना से बात करने की कोशिश की तो उनका फोन नहीं उठ सका।

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