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जीवित को मरा दिखाकर उड़ाई विधवा पेंशन! बरेली पुलिस ने फर्जीवाड़े का बड़ा खेल किया बेनकाब

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जीवित को मरा दिखाकर उड़ाई विधवा पेंशन! बरेली पुलिस ने फर्जीवाड़े का बड़ा खेल किया बेनकाब

बरेली। सरकारी योजनाओं की आड़ में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल उजागर हुआ है। बरेली पुलिस ने ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो जीवित लोगों को कागज़ों में ‘मरा हुआ’ दिखाकर उनके नाम पर विधवा पेंशन की रकम हड़प रहा था।

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बुधवार को इस हाई-प्रोफाइल घोटाले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह ने करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। गिरोह का सरगना एक जनसेवा केंद्र संचालक धर्मेंद्र लाल निकला है, जिसे पुलिस ने उसके साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया है।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज़

शहर के आकांक्षा एन्क्लेव निवासी नारी शक्ति नारी सम्मान सेवा समिति की अध्यक्ष यासमीन जहां की शिकायत पर आंवला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के गांव अगरास निवासी धर्मेंद्र लाल ने समृद्धि सक्षम जीवन निधि लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई थी। यहीं से सरकारी योजनाओं में हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का खेल शुरू हुआ।

धर्मेंद्र के साथ प्रमोद, शांति स्वरूप और मनीष नाम के साथी जुड़े हुए थे। ये लोग सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के बहाने लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और जरूरी दस्तावेज लेते थे। फिर हरीश कुमार नाम का आरोपी इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करता था। इसके बाद मृतक दिखाए गए व्यक्ति के नाम पर विधवा पेंशन की रकम गिरोह के खातों में ट्रांसफर करा ली जाती थी।

करोड़ों का घोटाला — सात खातों में भेजी गई रकम

एसपी दक्षिणी ने बताया कि गिरोह ने अब तक करीब 1 करोड़ 23 लाख 22 हजार 647 रुपये सात अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। यह ठगी साल 2021 से लगातार जारी थी। आंवला पुलिस ने मंगलवार रात 10 बजे बिजलीघर के पास दबिश देकर चार आरोपियों हरीश कुमार, शांतिस्वरूप, मुनीष और प्रमोद को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को छह फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, कई बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके बैंक लेनदेन की गहन जांच में जुटी है।

 

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