बरेली। शहर में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए महापौर डॉ उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में ₹196 करोड़ की परियोजनाओं को 4 महीने में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया। नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य की मौजूदगी में 33 वार्डों की योजनाओं की समीक्षा हुई।
नगर निगम में 196 करोड़ की परियोजना से बदायूं रोड पर ₹4 करोड़ से नाला निर्माण की योजना भी सामने आई, जिससे डेढ़ लाख लोगों को राहत मिलेगी। नगर निगम का लक्ष्य 2026 तक बरेली को हाइटेक सिटी बनाना है।
बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड मद के ₹86 करोड़ और अनटाइड मद के ₹60 करोड़ से चल रहे कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। शहर के 33 वार्डों में संचालित 34 परियोजनाओं और 79 स्वीकृत योजनाओं पर विभागवार चर्चा हुई। महापौर ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की योजना भी बैठक में सामने आई। इसके तहत बदायूं रोड पर करीब ₹4 करोड़ की लागत से सवा किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे लगभग डेढ़ लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, संभावित ₹50 करोड़ की अतिरिक्त राशि को ध्यान में रखते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था और सड़कों के समग्र विकास का खाका तैयार किया गया है।
नगर निगम ने वर्ष 2026 तक बरेली को आधुनिक, व्यवस्थित और “हाइटेक सिटी” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, अब असली चुनौती इन योजनाओं को तय समय सीमा में जमीन पर उतारने की है।









