बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल में तैनात मंडलीय अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष शंखधार (Dr. Ashutosh Shankhdhar) पर निजी प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोपों ने पूरे रेलवे विभाग में हलचल मचा दी है। डॉक्टर के खिलाफ भेजी गई विस्तृत शिकायत रेलवे बोर्ड तक पहुंचने के बाद मामला तेजी से बढ़ा और विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि डॉक्टर आशुतोष शंखधार (Ashutosh Shankhdhar) बरेली शहर के कई निजी अस्पतालों—जैसे दिवाकर अस्पताल, राधिका अस्पताल, फैयाज केयर, सुशील अस्पताल, और श्री बेग राज अस्पताल में नियमित रूप से मरीज देखते हैं। जबकि रेलवे सेवा में रहते हुए और नॉन-प्रैक्टिस एलाउंस (NPA) प्राप्त करने के बाद किसी भी प्रकार की निजी प्रैक्टिस करना रेलवे के नियमों के विरुद्ध है।
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शिकायत में कई पुख्ता साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं, जिनमें डॉक्टर आशुतोष शंखधार द्वारा निजी अस्पतालों में उपयोग किए गए प्रिस्क्रिप्शन, दिवाकर अस्पताल में मरीज देखते हुए तस्वीर, राधिका अस्पताल की पैनल सूची में उनका नाम व फोटो, और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग के लिंक शामिल हैं। इन सबूतों के कारण मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है और रेलवे बोर्ड ने इसे गंभीरता से लिया है।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ ही समय पहले रेलवे से रिटायर हुए कर्मचारियों ने अपनी विदाई समारोह के दौरान डीआरएम इज्जतनगर से डॉक्टर की कार्यशैली की शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने इसी वजह से मामला सीधे रेलवे बोर्ड तक पहुंचाया।
अब जांच के आदेश जारी
मामले को गंभीर मानते हुए रेलवे बोर्ड ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS), पूर्वोत्तर रेलवे मंडल इज्जतनगर के डॉ. यू.एस. नाग को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें साक्ष्यों की सत्यता, डॉक्टर द्वारा किए गए संभावित नियम उल्लंघन तथा संबंधित अस्पतालों की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सूत्रों की मानें तो विभागीय टीम जल्द ही उन निजी अस्पतालों से भी विवरण मांगेगी, जहां डॉक्टर आशुतोष शंखधार (Dr. Ashutosh Shankhdhar) के प्रैक्टिस करने की शिकायत की गई है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई, वेतन कटौती, NPA बंद करना अथवा निलंबन तक की कार्यवाही संभव है।
डॉक्टर का पक्ष शिकायत फर्जी, जांच में सच सामने आ जाएगा
मामले पर डॉ. आशुतोष शंखधार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायत पूरी तरह फर्जी और बदनीयत से प्रेरित है। शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है। जांच में सब सच सामने आ जाएगा। डॉक्टर के इन दावों के बाद मामला और दिलचस्प हो गया है। हालांकि शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए रेलवे प्रशासन इसे गंभीर मानते हुए जांच आगे बढ़ा रहा है।
रेलवे कर्मचारियों में चर्चा—क्या होगी कड़ी कार्रवाई?
पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल में लंबे समय बाद किसी डॉक्टर पर इतने बड़े स्तर पर निजी प्रैक्टिस के आरोप सामने आए हैं। यही कारण है कि मंडल के कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलेंगे और क्या विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। मामले की संवेदनशीलता, आरोपों की गंभीरता और रेलवे बोर्ड तक पहुंचने के कारण यह खबर तेजी से सुर्खियों में आ गई है।










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मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
नाम – रवि खवसे
शहर – मुलताई
जिला – बैतूल
राज्य – मध्यप्रदेश