मलकपुर निवासी सुनील कुमार ने एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत की थी कि सरकारी धान क्रय केंद्र पर वजन, खरीद और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर विपणन निरीक्षक मनीष दुबे और उसका साथी अतुल गंगवार किसानों से 10 हजार रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार दोपहर, धान क्रय केंद्र परिसर में बिछाए गए जाल के तहत टीम पहले से छिपकर तैयार थी। जैसे ही शिकायतकर्ता से पैसे लेते हुए दोनों आरोपी सामने आए, टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान 10 हजार रुपये की राशि मौके से बरामद कर सबूत के रूप में कब्जे में ली गई।
पकड़े जाने के बाद दोनों को वहीं हिरासत में लिया गया और प्राथमिक पूछताछ की गई। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना देवरनिया में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ संकेत दिया कि किसानों के हक पर हाथ डालने वालों पर आगे भी ऐसी ही कार्रवाई होगी।
इस कार्रवाई के बाद बहेड़ी क्षेत्र के किसानों व आम जनता में राहत की सांस ली है। किसानों ने कहा कि धान खरीद सीजन में ऐसे भ्रष्टाचार के चलते उनकी मेहनत की कमाई पर ब्याज की तरह वसूली बैठ जाती थी। एंटी करप्शन की टीम ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अवैध धन की मांग करता है तो तत्काल इसकी जानकारी दें, टीम हर शिकायत पर सख्ती से कार्रवाई करेगी।










