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बरेली से गूंजा विकास का संकल्प — डीएम अविनाश सिंह बोले आत्मनिर्भर भारत

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बरेली। देश जब स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर है, तब विकास का नया अध्याय बरेली से लिखना शुरू हो गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे “विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश 2047” अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बहुमूल्य सुझाव देकर प्रदेश के भविष्य का खाका तैयार करने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की परियोजना नहीं, बल्कि जनता के विचारों और सपनों से आकार लेने वाला राष्ट्रीय संकल्प है।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी योजना है, जिसका उद्देश्य है वर्ष 2047 तक भारत और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्व के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा करना। उन्होंने कहा, “हमारे छोटे-छोटे विचार, बड़े बदलावों की बुनियाद बन सकते हैं। यही समय है, जब हर नागरिक अपने प्रदेश की दिशा तय करने में भूमिका निभाए।”
तीन थीम पर टिकेगा विकास का विजन

डीएम ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की राय को महत्व दिया जाएगा। यह डॉक्यूमेंट तीन प्रमुख थीम—अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति—पर आधारित होगा।
उन्होंने कहा कि इस विजन के केंद्र में 12 प्रमुख सेक्टर हैं, जिनमें कृषि, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सुशासन, ऊर्जा, अवसंरचना और सामाजिक उत्थान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह योजना जनता की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुँचे।

31 अक्टूबर तक दे सकेंगे नागरिक अपने सुझाव

डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि नागरिक अपने सुझाव https://samarthuttarpradesh.up.gov.in वेबसाइट पर जाकर या क्यूआर कोड स्कैन करके 31 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि “हर सुझाव, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, प्रदेश की विकास नीति का अहम हिस्सा बन सकता है।”

उन्होंने शहर के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, उद्योगपतियों और सामाजिक संगठनों से विशेष अपील की कि वे इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाएं और सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश को विकास की नई दिशा दें।

यह अवसर इतिहास रचने का है

डीएम ने कहा, आज जो सोचेंगे, वही 2047 का भारत बनेगा। यह अवसर केवल विचार देने का नहीं, बल्कि इतिहास रचने का है। आने वाली पीढ़ियाँ उसी भारत में सांस लेंगी, जिसका नक्शा हम सब आज मिलकर बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार और जनता के बीच साझा विजन की मिसाल है। विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि विचारों से होता है। जब जनता खुद तय करेगी कि उसे किस दिशा में बढ़ना है, तभी सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

बरेली से उठी जनभागीदारी की मिसाल

बरेली में प्रशासन इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सरकारी विभागों के साथ-साथ विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में भी सुझाव एकत्र किए जा रहे हैं। डीएम ने कहा कि हर संस्था, हर नागरिक, विकास यात्रा का सहयात्री बने — यही “विकसित भारत” की आत्मा है।

जनता का विजन, सरकार का मिशन

इस अभियान का मूल मंत्र है — “जनता का विजन, सरकार का मिशन।” वर्ष 2047 का भारत केवल सरकारी दस्तावेजों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से निर्मित होगा। बरेली प्रशासन का यह कदम इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बन रहा है।

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